शिक्षा के साथ संस्कार देने के मन्दिर है विधा भारती के स्कूलः डॉ धनसिंह रावत





योगेश शर्मा.
हरिद्वार। भारतीय शिक्षा समिति उत्तराखंड द्वारा आज सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज मायापुर हरिद्वार में उत्तराखंड विद्यालय शिक्षा परिषद की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा 2022 की वरीयता सूची में प्रथम 25 स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत एवं सम्मानित किया गया। इस अवसर पर परिषदीय परीक्षा में प्रथम 10 स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को 3100 और शेष 15 स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को 2500 प्रोत्साहन राशि के रूप में दिए गए। इसके अतिरिक्त स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र संस्था द्वारा प्रदान किया गया।

प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी विद्या भारती के विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रदेश की मेरिट सूची में सबसे अधिक स्थान प्राप्त किए गए। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत, विद्या भारती राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री यतींद्र शर्मा, कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ एनएस भंडारी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रान्त प्रचारक युद्धवीर और विद्या भारती के प्रदेश निरीक्षक डॉ विजयपाल सिंह द्वारा सामूहिक रूप से मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित करके की गई।

मुख्य अतिथि शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा कि विद्या भारती शिक्षा के साथ संस्कार देने का कार्य भी कर रही है। इन विद्यालयों में सभी वर्गों के छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण करते हैं यहां छात्रों को राष्ट्रभक्ति की शिक्षा दी जाती है। उत्तराखंड परिषदीय परीक्षा की वरीयता सूची में अधिकांश छात्र विद्या भारती से ही होते है। सरकार ने स्टेट टॉपर्स को 25000 रुपये देने की घोषणा की है। उत्तराखंड सरकार बाल वाटिका में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू कर चुकी है। कई विश्वविद्यालयों में भी सरकार एनईपी को जल्दी ही लागू करने जा रही है। इसके द्वारा छात्र एक विश्वविद्यालय से दूसरे विश्वविद्यालय में अपना स्थानांतरण कर सकते है क्योंकि सभी का पाठ्यक्रम समान होगा।

कहा कि सरकार ने त्रिभाषा सूत्र भी लागू करने का लक्ष्य रखा है। इसके अंतर्गत हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत किसी भी माध्यम से छात्र अपनी पढ़ाई कर सकेंगे। विद्या भारती राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का पाठ्यक्रम तैयार करने में भी सरकार का सहयोग कर रही है। इसके लिए विद्या भारती को 15 विषयांे का पाठ्यक्रम तैयार करने का दायित्व सौंपा गया है। स्वामी रामदेव की अध्यक्षता में भारतीय शिक्षा बोर्ड की स्थापना की गई। इसके अंतर्गत भारतीय संस्कृति से संबंधित साहित्य का समावेश किया जा सकेगा। उत्तराखंड सरकार टीचिंग शेयर प्रोग्राम को 11 अक्टूबर को प्रारंभ करने जा रही है। इसके लिए 2000 शिक्षकों का एक पूल तैयार किया जा रहा है। राज्य सरकार ने गरीब प्रतिभावान छात्रों को निःशुल्क कोचिंग देने के लिए सुपर 50 और सुपर 30 जैसे प्रोग्राम संचालित किए जा रहे हैं।

विद्या भारती राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री यतींद्र शर्मा ने कहा कि विद्या भारती के छात्र परिषदीय परीक्षाओं तथा सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाओं में उच्च स्थान प्राप्त करते है। विद्या भारती छात्रों में अच्छी शिक्षा एवं संस्कार देने का कार्य करती है। विद्या भारती के विद्यालयों में सभी धर्मों के छात्र छात्राएं अध्ययन करते है। विद्या भारती धर्म और समाज के आधार पर किसी से भेदभाव नहीं करती। विद्या भारती यह प्रयत्न करती है कि देश के लिए योग्य नागरिक तैयार किए जा सके। विद्या भारती ने उच्च शिक्षा परिषद की स्थापना भी की है। जिसके माध्यम से देश भर में कम से कम 5 विश्वविद्यालय प्रारंभ करने का लक्ष्य रखा गया है। सर्वप्रथम बैंगलोर में चाणक्य विश्वविद्यालय प्रारंभ कर दिया गया है और गुवाहाटी में दूसरा विश्वविद्यालय प्रारंभ करने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने छात्रों को अपने लक्ष्य का निर्धारण करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में विद्या भारती के विद्यालय की एक पूर्व छात्रा द्वारा स्वरचित गीत का लोकार्पण भी मुख्य अतिथि द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अध्यक्ष एसएन भंडारी ने सभी टॉपर्स छात्र छात्राओं और उनके अभिभावकों को इस अवसर पर बधाई दी और सभी आगंतुकांे का आभार प्रकट किया। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का परिचय एवं स्वागत डॉ. विजयपाल सिंह जी द्वारा कराया गया। कार्यक्रम की भूमिका भारतीय शिक्षा समिति उत्तराखंड के मंत्री रजनीकांत शुक्ल द्वारा प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए विद्यालय की बहनों ने समूह गान हम होंगें कामयाब के द्वारा अतिथियों का स्वागत किया।

इन मेधावी छात्र-छात्राओं को मिला प्रोत्साहन
इस वर्ष की हाईस्कूल की परिषदीय परीक्षा में विद्या भारती के 62 छात्र छात्राओं ने प्रथम 25 में स्थान प्राप्त किया और इंटरमीडिएट की परिषदीय परीक्षा में 35 छात्र छात्राओं ने प्रथम 25 में स्थान प्राप्त किया। हाईस्कूल की परिषदीय परीक्षा में विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज मण्डलसेरा, बागेश्वर की बहन रवीना कोरंगा ने प्रदेश की मेरिट सूची में तीसरा स्थान, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज चिन्यालीसौड़ उत्तरकाशी की ’ समीक्षा’ ने और माई गोविंद गिरी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज बेलनी रुद्रप्रयाग की बहन तनुजा ने छठी रैंक, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज चिन्यालीसौड़ उत्तरकाशी की बहन तनुजा ने सातवीं रैंक, विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज मण्डलसेरा बागेश्वर की बहन कुमकुम चौबे ने आठवीं रैंक, खोलिया विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज गरुड़ बागेश्वर के भैया अभय उपाध्याय ने आठवीं रैंक, विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज रानीधारा अल्मोड़ा के भैया राजकमल प्रसाद ने 9 वी रैंक और रामलाल सिंह चौहान सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज जसपुर उधम सिंह नगर के भैया देवेश सिंह ने 10 वीं रैंक प्राप्त की और इंटरमीडिएट की परीक्षा में सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज मायापुर की बहन दिया राजपूत ने प्रदेश की मेरिट सूची में पहला स्थान, विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज मण्डलसेरा, बागेश्वर के भैया सुमित सिंह मेहता और रामलाल सिंह चौहान सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज जसपुर उधम सिंह नगर के भैया दर्शित चौहान ने प्रदेश की मेरिट सूची में तीसरा स्थान, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज चिन्यालीसौड़ के भैया विपिन सिंह, रामलाल सिंह चौहान सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज जसपुर की बहन असना अंसारी , सरस्वती बालिका विद्या मंदिर इंटर कॉलेज काशीपुर की बहन शालिनी और श्री रामचंद्र सिंह सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज जसपुर की बहन व वरनदीप कौर सैनी ने 5 वी रैंक, श्री रामचंद्र सिंह सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज जसपुर की बहन श्रेया चौधरी ने 8वीं रैंक, सरस्वती बालिका विद्या मंदिर इंटर कॉलेज काशीपुर की बहन खुशी ने 9वी रैंक, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज खटीमा के भैया मोहित जोशी ने 10 वीं रैंक प्राप्त की। विद्या भारती से संबंधित विद्यालयों के 8 भैया बहनों ने हाई स्कूल की मेरिट सूची के टॉप 10 में अपना स्थान बनाया और इंटरमीडिएट के 10 भैया बहनों ने टॉप 10 में अपना स्थान बनाया।



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