कॉलेज के शिक्षक भी शोध में दिखाए रूचि: कुलपति प्रो एनके तनेजा

मेरठ।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के जंतु विज्ञान विभाग ने सर्ब (साइंस एंड इंजिनीरिंग रिसर्च बोर्ड) के ‘साइंटिफिक सोशल रिस्पांसिबिलिटी’ कार्यक्रम के तत्वाधान में 2 दिनों के वर्कशॉप की शुरुआत की।

इस कार्यक्रम का आयोजन प्रोफेसर संजय कुमार भारद्वाज की क्रोनोबायोलॉजी लैब ने किया। वर्कशॉप का उद्घाटन दीप प्रज्वलन से हुआ, जिसकी अध्यक्षता कुलपति प्रो. एन के तनेजा ने की। कुलपति ने अपने उद्घोषण में सभी कॉलेज के शिक्षकों को शोध में रुचि दिखाने की बात कही तथा समाज में विज्ञान और शोध की उपयोगिता को ओर ध्यान देने को प्रेरित किया।

मंच पर मुख्य अतिथि प्रो. मेवा सिंह (मैसूर विश्वविद्यालय), प्रोफेसर बी. पी. सिंह (वरिष्ठ वैज्ञानिक, विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी विभाग, भारत सरकार), विभागाध्यक्ष प्रोफेसर नीलू जैन गुप्ता और प्रोफेसर संजय भारद्वाज थे. प्रोफेसर अशोक कुमार चौबे (जंतु विज्ञान विभाग) ने अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम में प्रो. विनोद कुमार (जंतु विज्ञान विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय) एवं प्रो. बिंदु शर्मा (जंतु विज्ञान विभाग) की भी उपस्थिति रही।

प्रोफेसर भारद्वाज ने वर्कशॉप के बारे में अवगत कराया। विभागाध्यक्ष प्रोफेसर नीलू जैन गुप्ता ने जंतु विज्ञान विभाग के बारे में विभिन्न महाविद्यालयों से आये हुए युवा सहायक प्रोफेसर एवं शोधार्थियों को जानकारी दी, जिनमें एक्सपेरिमेंटल सुविधाएँ को सभी महाविद्यालयों के लिए जल्द ही उपलब्ध कराने की बात कही।

कुलपति ने फिश एक्वेरियम फैसिलिटी का लोकार्पण किया तथा एनिमल हाउस का दौरा किया। प्रथम सत्र में प्रोफेसर मेवा सिंह ने वन्य जीव संरक्षण के बारे में जानकारी दी, जिसमें विलुप्तप्राय लायन टेल्ड मकाक और हाथियों के संरक्षण एवं प्रबंधन के विषय में व्याख्यान दिया। प्रो. राकेश सेठ (जंतु विज्ञान विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय) ने पर्यावरण और विज्ञान में कीटों का महत्व बताया। प्रो. भानु प्रताप सिंह ने ‘साइंटिफिक सोशल रिस्पांसिबिलिटी’ के बारे में सभी प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अभिलाष प्रभात ने किया।

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