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राज्यपाल:पलायन रोकने के लिए पर्वतीय क्षेत्रों में सृजित हो रोजगार

कोर के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने बांटी 780 छात्र—छात्राओं को डिग्रियां
रुड़की इंजीनियरिंग की कैपिटल–बेबी रानी मौर्य
जल्दी ही खुलेगा तकनीकी विश्वविद्यालय—जेसी जैन
नवीन चौहान
उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा कि रूड़की भारत की ‘इंजीनियरिंग कैपिटल’ है। रूड़की के नाम पर इंजीनियरिंग के कई बड़े कीर्तिमान हैं। यहाॅं भारत ही नहीं बल्कि एशिया का सबसे पहला इंजीनियरिंग काॅलेज खोला गया, जो वर्तमान में आईआईटी. रूड़की के नाम से विश्व विख्यात है। उक्त बात उन्होंने कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग रुड़की(कोर)के 14 वेें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि अपने संबोधन में कहीं।
राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा कि इंजीनियरिंग और शिक्षा का मानव समाज तथा राष्ट्र की भलाई के लिये उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे देश में ऐसे कई महान वैज्ञानिक इंजीनियर और शिक्षाविद् हुए हैं जिन्होंने अपनी भलाई से पहले समाज और राष्ट्र की भलाई को आगे रखा। शिक्षा और शोध कार्य सदैव मानवता के कल्याण के लिए होने चाहिए। शिक्षा में मानवीय मूल्यों तथा सांस्कृतिक चेतना का समावेश अवश्य होना चाहिए। विद्यार्थियों को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने के लिए काॅलेज को आसपास के गांवो में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं अन्य जागरूकता के कार्यक्रम चलाने चाहिए।
राज्यपाल ने छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे अपनी बुद्धिमत्ता और शिक्षा का उपयोग उत्तराखण्ड की स्थानीय समस्याएं दूर करने में भी करें ताकि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार के अवसर अधिक से अधिक पैदा हो और पहाड़ों से पलायन रुके ।उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ नौकरी पाना नहीं है बल्कि विद्यार्थियों की शिक्षा देश की माटी के काम भी आनी चाहिए।
विद्यार्थियों को परिवर्तनों के साथ सफलतापूर्वक कदम से कदम मिलाकर चलने का सुझाव देते हुए राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान में तकनीकी के क्षेत्र में तेजी से परिवर्तन हो रहे है। कृत्रिम बुद्धिमता तथा यूजर फ्रेंडली तकनीक हर क्षेत्र में अपनी जगह बना रही है। अब ‘‘इण्टरनेट ऑफ थिंग्स’’ का जमाना है।
महिला सशक्तिकरण पर बल देते हुए राज्यपाल ने कहा कि काॅलेज कैम्पस से लेकर कम्पनियों और दफ्तरों में हर जगह महिलाओं को बराबरी का अधिकार होना चाहिए। महिलाओं को निर्णय लेने के क्षेत्र में भी समानता का अधिकार मिलना चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि उच्च शिक्षा आर्थिक व सामाजिक विकास की धुरी है। इसलिए उच्च शिक्षा में आज पाठयकर्मो और प्रचलित पद्धतियों से भी अधिक कार्य करने की जरूरत है। युवा वर्ग देश की ताकत है इस वर्ग की सृजनशीलता ही देश को विश्व की प्रगति की प्रथम पंक्ति में खड़ा कर सकती है। इसलिए राष्ट्र का भविष्य आज के युवाओ पर और उनकी दूरदर्शी सोच पर ही निर्भर करता है। आज हमारे देश को उच्च स्तरीय शोध कथा खोज की सबसे बडी जरूरत है।
समारोह में 721 छात्र-छात्राओ को स्नातक व परास्नातक की उपाधिया प्रदान की गयी। गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाले विद्यार्थियो में शाहरूख खान(एईआई), रूहिना अंजुम (सिविल), पूर्वा नष्वा (सीएस), वर्षा अग्रवाल (आईटी), कार्तिक आहूजा (ईएन), विभूति चौहान(ईटी), विशाल नरूला (एमई), सताक्षी जिंदल (एमबीए), दीपक सिंह राणा (एमसीए) रहे। सिल्वर मेडल प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में नंदन सिंह (एईआई), गौतम नरूला (सिविल), रिद्हम अरोरा (सीएस), रजत गोयल (आईटी), शालिनी बडोनी (ईएन), मेधा पाण्डेय (ईटी), राहुल कुमार (एम ई), साक्षी मित्तल (एमबीए) और नेहा बुतोला (एमसीए) थी।
काॅलेज ऑफ इंजीनियरिंग रूड़की के अध्यक्ष जेसी जैन का कहना है कि आने वाले समय में कोर से अलग हटकर एक तकनीकी यूनिवर्सिटी खोली जाएगी और जिस में वह विशेष सम्मिलिित किए जाएंगे, जो देश के किसी भी तकनीकी विश्वविद्यालय या संस्थान में नहीं होंगे। कोर ने कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं और वह आज देश के उच्च कोटि के तकनीकी संस्थानों में गिना जाता है। इस अवसर पर कोर के महानिदेशक एस पी गुप्ता, उत्तराखण्ड तकनीकी विश्वविद्यालय देहरादून की रजिस्ट्रार डाॅ.अनीता रावत, काॅलेज की वाइस चेयरपर्सन सुनीता जैन, श्रेयांश जैन नेे भी दीक्षांत समारोह को सम्बोधित किया।

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