VIDEO: अभिभावक स्वंय बने अपने बच्चे के रोल मॉडल- पीसी पुरोहित





नवीन चौहान.
डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल जगजीतपुर में दो दिवसीय वैदिक चेतना सम्मेलन का समापन हो गया। इस दौरान यहां वक्ताओं ने अपने विचार रखे। पूर्व प्रधानाचार्य वर्तमान में रीजनल ऑफिसर/क्षेत्रीय अधिकारी पीसी पुरोहित ने न्यूज 127 से बातचीत में अपने विचार और अनुभव साझा किये। इस दौरान उन्होंने कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों का रोल मॉडल स्वयं बनना होगा।

पीसी पुरोहित ने वैदिक सम्मेलन के बारे में बताते हुए कहा कि यह कोई रंगारंग कार्यक्रम नहीं है बल्कि इस सम्मेलन की कुछ महत्वता है। डीएवी प्रबंधकृत समिति नई दिल्ली के प्रधान पद्मश्री डाॅ0 पूनम सूरी जी के दिशा निर्देशन और मोटिवेशन में 2015 में यह कार्यक्रम शुरू कराया गया था। दो दिन तक चलने वाले इस सम्मेलन में वैदिक भावना और संस्कार को बनाए रखने का पूरा प्रयास किया जाता है, ताकि हम बच्चों को अच्छा माहौल और अच्छे संस्कार दे सकें। अच्छे माहौल का प्रभाव जरूर पड़ता है।

कुंभ नगरी में विचारों का अदान प्रदान होता है, हम भी यहां यही कर रहे हैं। वैदिक सम्मेलन में वक्ता अपने विचारों का अदान प्रदान करते हैं, हमें भी सीखने को मिलता है। यदि ये कहा जाए कि ये मंच एक लर्निंग सेंटर है तो गलत नहीं होगा। अभिभावक भी इस सम्मेलन की सराहना करते हैं और स्वयं इस कार्यक्रम से जुड़े रहते हैं।

पीसी पुरोहित ने कहा कि मैं यही चाहूंगा कि अभिभावक स्वयं जागरूक बने रहे। बच्चों को जाग्रत करते रहें। हमें अपने बच्चों का रोल मॉडल स्वयं बनना होगा। ऐसा हुआ तो हम अपने प्रयास में सफल होंगे। शिक्षा के साथ संस्कार से जुड़े रहे इसकी जिम्मेदारी टीचर और अभिभावक दोनों की है। यदि ये सब हुआ तो देश स्वयं जागरूक होगा और तेजी से विकास की ओर अग्रसर होगा।

उन्होंने स्कूल के स्टाफ- टीचर आदि को लेकर कहा कि इस सम्मेलन की सफलता इन सबकी ही मेहनत बताया। कहा कि ये हमारा घर है, मेरा परिवार है, हर टीचर हमारी जिम्मेदारी है, हम उन्हें सेफ्टी सिक्योरिटी देनी है, अच्छी भावना के साथ काम करना बेहद जरूरी है। इस सम्मेलन के माध्यम से हमने संस्कारों को ही दिखाने और जागृत करने का प्रयास किया है।

कार्यवाहक प्रधानाचार्य मनोज कपिल ने कहा यह वैदिक चेतना सम्मेलन एक प्रयास है। अभिभावकों में भी इस कार्यक्रम को लेकर उत्साह बना रहता है। अभिभावकों का भी पूरा सहयोग इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में मिलता है। कोरोना काल में वर्चुअल रूप से यह सम्मेलन कराया गया था।



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