3 माह के बच्चे को कोलकाता में बेचना चाहती थी शातिर नैना


नवीन चौहान.
उधमसिंह नगर पुलिस ने तीन माह के बच्चे को चुराने वाली महिला को पकड़ कर पूछताछ की तो कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए। पूछताछ में पता चला कि महिला नैना उर्फ ज्योति मूल रूप से बांग्लादेश की रहने वाली है, उसने जो बच्चा चुराया था उसे कोलकाता में लेकर जाकर बेचना चाहती थी।

पुलिस के मुताबिक महिला नैना से पूछताछ पर पता चला कि वह मूल रूप से बांग्लादेश की रहने वाली है जो अपने मामा के घर ग्राम पानीखली मजदिया थाना धंतला जिला नादिया पश्चिम बंगाल में रहती थी। पहली शादी बिहार के रहने वाले चेतु नाम के व्यक्ति से हुयी थी जिसे छोड़कर लगभग 01 वर्ष बाद यह अपने घर आ गयी थी। उसके बाद उसने कई शादी की।

करीब तीन महीने पहले नैना अनूपशहर से किच्छा आ गई और सतुईया निवासी उमेश के घर रहने लगी। उमेश के भाई प्रेम चन्द का 3 माह के बालक चोरी करने की नियत से वह उनके परिवार से घुलमिल कर रहने लगी। बच्चे को अपने साथ कभी-कभी खिलाने के बहाने से रखने लगी जिससे बच्चा उसके साथ अच्छी तरह घुलमिल जाए। जब बच्चा उसके साथ अच्छी तरह से रहने लगा तो उसने अपने पति सूरज को इसके बारे में बताया और मोबाइल फोन से विडियो कॉल करके बच्चे को अपने पति सूरज को दिखाया।

जिसके बाद दोनों ने मिलकर बालक को चोरी करने की योजना बनाई। योजना के तहत 2 अगस्त को समय करीब 3.30 बजे बच्चे को उसकी मां से खिलाने के बहाने रोज की भांति लेकर टुकटुक में बैठाकर बच्चे को अपहरण कर ले गयी तथा सूरज को फोन पर बिलासपुर पहुंचने को कहा। जिस पर सूरज अनुपशहर में बिलासपुर तक आया और ज्योति बच्चे को लेकर बिलासपुर तक गयी जहां इसे सूरज मिल गया फिर यह दोनों अपहृत बालक प्रतीक को लेकर अनुपशहर सूरज के किराये के कमरे पर पहुंच गयी। नैना चुराए गए बालक को कोलकाता ले जाकर उचित दाम में किसी जरूरतमंद को बेचने की तैयारी में थी।


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