बैंक खाते से 31 लाख की साइबर ठगी में बैंक मैनेजर समेत तीन गिरफ्तार

नवीन चौहान.
राष्ट्रीयकृत बैंक (सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया) में 31 लाख के साइबर फ्रॉड में मामले में तीन तीन गिरफ्तारी हुई है। इन तीनों को एसटीएफ उत्तराखंड की टीम ने गिरफ्तार किया है।

एसटीएफ की टीम ने दिल्ली से ठगी के इस मामले में एक शाखा प्रबंधक गिरफ्तार को गिरफ्तार किया है। जबकि देहरादून से दो सहायक शाखा प्रबंधक भी गिरफ्तार किये गए हैं।

जानकारी के अनुसार देहरादून निवासी एक व्यक्ति के बैंक खाता से 31 लाख की रकम निकाली गई थी। इस रकम को अमेजन पर ऑनलाइन सोना खरीदकर ठिकाने लगाया गया था।

एसटीएफ उत्तराखंड जल्द ही एक अन्य मामले का भी खुलासा कर सकती है, जिसमे बैंक के अधिकारियों/कर्मचारियों की साजिश से आमजन के खातों में सेंध लग रही थी।

​बढ़ते साइबर अपराधों के परिप्रेक्ष्य में साइबर अपराधी आम जनता की गाढ़ी कमाई हेतु अपराध के नये-नये तरीके अपनाकर धोखाधड़ी कर रहे है। वर्तमान में बैंक कर्मचारियों के द्वारा आम जनता के बैंक खातों में एसएमएस अलर्ट नम्बर बदल कर उनकी मेहनत की कमाई को उडाने के मामले प्रकाश में आ रहे हैं।

​ऐसा ही एक प्रकरण साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन को प्राप्त हुआ था जिसमें वादी अतुल कुमार शर्मा पुत्र स्व0 रामस्वरुप शर्मा निवासी हरबर्टपुर थाना विकासनगर देहरादून द्वारा की गई शिकायत कि अज्ञात व्यक्ति द्वारा उनकी माता के संयुक्त बैंक खाता सेन्ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया में बिना माताजी की अनुमति के SMS अलर्ट नम्बर बदल कर खाते से 30.95 लाख रुपये धोखाधड़ी से निकालने के आधार पर मुकदमा अपराध संख्या 9/22 पंजीकृत किया गया। प्रकरण की गम्भीरता को देखते हुये अभियोग के अनावरण, अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु साइबर थाने से निरीक्षक श्री त्रिभुवन रौतेला के नेतृत्व में टीम गठित की गयी ।

अभियोग में अभियुक्तों के विरुद्ध कार्यवाही हेतु घटना में प्रयुक्त मोबाईल नम्बर, ई-मेल आईडी, ई-वालेट, तथा बैंक खातों व सीसीटीवी फुटेज व भौतिक साक्ष्यों के विश्लेषण करने पर जानकारी की गयी तो ज्ञात हुआ कि सेन्ट्रल बैंक ऑफ इन्डिया के अधिकारी द्वारा शिकायतकर्ता की बिना अनुमति के धोखाधड़ीपूर्वक अपने खाताधारक के बैंक खाते से सम्बन्धित गोपनीय जानकारी में परिवर्तन कर नेट/मोबाईल बैंकिग के माध्यम शिकायतकर्ता की धनराशि से ऑनलाईन माध्यम से सोना खरीदकर उसको बेचकर लाभ अर्जित किया जा रहा था। जिसके उपरान्त थाना साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन को शिकायत प्राप्त होने साइबर थाने से विशेष टीम का गठन कर टीम द्वारा कम्पनियों से प्राप्त विवरण का गहनता से विश्लेषण एवं अन्य तकनीकी रुप से साक्ष्य एकत्रित कर पुलिस टीम तत्काल दिल्ली, एनसीआर, उ0प्र0, हरियाणा रवाना हुयी।

पुलिस टीम द्वारा अथक मेहनत एवं प्रयास से घटना में संलिप्त सेन्ट्रल बैंक ऑफ इन्डिया बैंक प्रबन्धक 01 अभियुक्त को दिनांक 23.05.2022 को करोल बाग दिल्ली से गिरफ्तार किया गया।
अभियुक्त से पूछताछ पर यह तथ्य प्रकाश में आये कि उनके सहयोगी सेन्ट्रल बैंक के AFO मौ0 आजम व सेन्ट्रल बैंक ऑफ इन्डिया के ही सहायक प्रबन्धक कविश डंग के साथ मिलकर लम्बे समय से Inactive खातों की जानकारी कर उसके SMS अलर्ट नम्बर को बदलकर नेट/मोबाईल बैंकिग के माध्यम शिकायतकर्ता की धनराशि से ऑनलाईन माध्यम से सोना खरीदकर उसको बेचकर लाभ अर्जित कर अपराध कारित करते थे और लाभ से प्राप्त धनराशि को आपस में बाँट लिया करते थे। जिस पर उक्त दोनों अभियुक्तो को सेलाकुई व विकासनगर देहरादून से गिफ्तार किय गया। अभियुक्तों से पूछताछ में कई अहम सुराग प्रकाश में आये हैं। जिसमें निकट भविष्य में गिरोह के अन्य सदस्यो की गिरफ्तारी की जायेगी ।

गिरफ्तार अभियुक्त-
1- निश्चल राठौर पुत्र नरेन्द्र पाल सिंह निवासी ग्राम शहबाजपुर पो0 जिनौरा थाना जिनौरा जनपद बदाँयू उत्तर प्रदेश हाल निवासी ईको विलेज 2 बी4 2003 ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश। उम्र 30 वर्ष
2- मौ0 आजम पुत्र मौ0 यासीन निवासी इन्द्रा कालोनी थाना पन्तनगर जनपद ऊधमसिंह नगर उत्तराखण्ड हाल निवासी संगम टेलीकॉम के पीछे मेन मार्केट सेलाकुई थाना सेलाकुई जनपद देहरादून। उम्र 27 वर्ष
3- कवीश डंग पुत्र स्व0 कमल डंग निवासी मकान नं0 176 वार्ड नं0 9 28 फुटा रोड थाना विकासनगर जनपद देहरादून। उम्र 30 वर्ष

बरामदगी-
1- लैपटॉप लिनोवा – 01 अदद ​
2- सैमसंग टैब – 01 अदद
3- मोबाईल फोन – 06 अदद
4- सिम कार्ड – 07 अदद
5- एटीएम कार्ड – 14 अदद
6- आधार कार्ड – 02 अदद
7- पासबुक – 05 अदद
8- चैक बुक – 03 अदद
9- आरसी/डीएल – 02 अदद
10- पेन कार्ड – 01 अदद

पुलिस टीम-
1-​निरीक्षक त्रिभुवन रौतेला
2-​उ0नि0 राजेश ध्यानी
3-​उ0नि0 राहुल कापड़ी
4-​का0 देवेन्द्र नेगी
4-​Technical Team/ एसटीएफ

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