परीक्षा के पर्व 4.0 के माध्यम से स्टूडेंटस के अंदर से दूर किया गया परीक्षा का डर

नवीन चौहान.
हरिद्वार। राष्ट्रीय बाल संरक्षण अधिकार आयोग के तत्वाधान में राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग उत्तराखण्ड द्वारा आयोजित परी़क्षा पर्व 4.0, जिला स्तरीय संवेदीकरण सह अभियोग कार्यक्रम दिल्ली पब्लिक स्कूल रानीपुर हरिद्वार में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारम्भ दीपप्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना से किया गया। संवेदी कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए रूपाली बनर्जी सिंह, सदस्य सचिव राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, नई दिल्ली द्वारा बताया गया कि परीक्षा पर्व 4.0 के आयोजन का मूल उद्देश्य परीक्षा के प्रति व्याप्त भय एवं चिंता को दूर करना है। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री के परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम से प्रेरित हो कर किया जा रहा है।

श्री गंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ ने बच्चों के लिए काउंसलिंग सेल की उपलब्धता पर बल देते हुए बच्चों को शिक्षा एवं परीक्षा हेतु मार्गदर्शन किया। विनोद कपरूवाण, सदस्य उतराखण्ड बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने परीक्षा पर्व 4.0 के विषय औचित्य एवं महत्व पर विस्तार से बताते हुए इस महत्वकांक्षी कार्यक्रम की अनिवार्यता से अवगत कराया।

शाईस्ता के शाह, वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञ, स्वास्थ एवं बाल मनोविज्ञान एनसीपीसीआर द्वारा परीक्षा पर्व 4.0 में एनसीपीसीआर एवं एससीपीसीआर की भूमिका पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी। तकनीकी सत्र में जितेन्द्र भुदलियार, सहायक निदेशक यूपीईएस ने चिंता एवं तनाव पर व्यापक चर्चा करते हुए इसे दूर करने के प्रभावी उपाय सुझाए।

तृतीय सत्र में डा0 पवन शर्मा निदेशक एनएलपी, ने सकारात्मक मानसिक बल पर प्रकाश डालते हुए परीक्षा पर्व 4.0 की सार्थकता को स्पष्ट किया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों के द्वारा कोविड काल में प्रभावित बच्चों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लिखित पुस्तक एग्जॉम वॉरियर्स वितरित की गयी। कार्यक्रम में राजकीय बाल गृह, रोशनाबाद हरिद्वार के बच्चों द्वारा भी प्रतिभाग किया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रम के अन्तर्गत डीपीएस रानीपुर की बालिकाओं द्वारा भरतनाट्यम की शैली में गणेश वंदना की मनमोहक प्रस्तुति दी गयी साथ ही मृदा संरक्षण का संदेश देते हुए डीपीएस के विद्यार्थियों ने एक नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किया जिसका दर्शक दीर्घा ने करतल ध्वनि से उत्साहवर्धन किया।

डीपीएस रानीपुर के प्रधानाचार्य डा0 अनुपम जग्गा इस महत्त्वपूर्ण कार्यक्रम के आयोजन की मेजबानी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सम्मानित अतिथियों, विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्यो एवं बच्चों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए परीक्षा सम्बंधी विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला।

कार्यशाला के समापन सत्र में परस्पर संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें आगंतुक संस्थाअध्यक्ष एवं विद्यार्थियों की जिज्ञासा को दूर करने का प्रयास किया गया। अंत में रोशनी सती अनुसचिव एससीपीसीआर, उत्तराखण्ड ने सभी का धन्यवाद देते हुए आभार प्रकट किया।

कार्यक्रम का संचालन डीपीएस की शिक्षिका नीलम भट्ट ने किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में तन्मय वशिष्ठ महामंत्री गंगा सभा, धर्म सिंह सदस्य एससीपीसीआर, रौशनी सती, के के गुप्ता मुख्य शिक्षाअधिकारी हरिद्वार, अविनाश सिंह भदौरिया जिला प्रोबेशन अधिकारी हरिद्वार, निशांत इकबाल मनोवैज्ञानिक एससीपीसीआर ममता रौथाण विधि अधिकारी एससीपीसीआर, एस पी सेमवाल, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारम्भिक, डा0 संतोष कुमार चमोला, पविंदर सिंह उपप्रधानाचार्य एडमिन डीपीएस रानीपुर, उमा पाण्डेय, मुख्यशिक्षिका मिडिल विंग डीपीएस रानीपुर का विशेष सहयोग रहा।

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