एसटीएफ ने की पिट एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रदेश में पहली गिरफ्तारी

  • उत्तराखंड पुलिस द्वारा राज्य गठन के 22 साल उपरांत किया ऐसा कुछ, जो होगा नशे के खिलाफ मील का पत्थर साबित

नवीन चौहान.
नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत, लक्ष्य: नशा मुक्त उत्तराखंड उद्देश्य के साथ प्रदेश में पहली बार स्वापक औषधि और मनप्रभावी पदार्थ अवैध व्यापार निवारण अधिनियम 1988;PITNDPS एक्ट के अंतर्गत अभ्यस्त नशा तस्कर को निवारक नजरबंदी (PREVENTIVE DETENTION) कानून के तहत गिरफ्तार किया गया।

दिनांक 21.05.2022 को थाना बसंत विहार क्षेत्र से पिट एन.डी.पी.एस. एक्ट (PITNDPS) के तहत स्पेशल टास्क फोर्स टीम द्वारा उत्तराखण्ड राज्य में अवैध मादक पदार्थो के व्यापार की रोकथाम के तहत पहली गिरफ्तारी की गई।

अशोक कुमार पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड द्वारा राज्य के युवाओं तथा स्कूली छात्र.छात्राओं के मध्य बढते नशे की प्रवृति की रोकथाम तथा आदतन अवैध नशा तस्करों के खिलाफ कार्यवाही हेतु एसटीएफ के अधीन एन्टी ड्रग टास्क फोर्स को अवैध मादक पदार्थो के आदतन अपराधियोें के विरूद्व कठोर कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया था।

जिस पर एस.टी.एफ द्वारा लगातार अवैध मादक पदार्थो की तस्करी की रोकथाम हेतु नशा तस्करों की धड़पकड़ गिरफ्तारी करने के साथ ही आज दिनांक 21.05.2022 को थाना बसंत विहार क्षेत्र से पिट एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत स्पेशल टास्क फोर्स(एस.टी.एफ) टीम द्वारा उत्तराखण्ड राज्य में अवैध मादक पदार्थो के व्यापार की रोकथाम के तहत अभियुक्त शिवम गुप्ता पुत्र सुदामा गुप्ता निवासी 217 इंदिरानगर थाना बसंत विहार से गिरफ्तार किया गया।

अभियुक्त उपरोक्त पूर्व में थाना प्रेम नगर से वर्ष 2015 में अवैध चरस के साथ व थाना पटेल नगर से वर्ष 2016 में अवैध स्मैक के साथ तथा पुनः वर्ष 2021 में थाना डोईवाला से होण्डा सिटी कार के साथ अवैध स्मैक के साथ गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा अभियुक्त उपरोक्त को थाना बसंत विहार से वर्ष 2019 में अपने रेस्टोरेंट (एप्पल) की आड़ में अवैध शराब रखने के जुर्म में आबकारी अधिनियम के तहत दो बार अलग अलग गिरफ्तार किया गया था।

इसके अलावा अभियुक्त के विरूद्ध मारपीट के दो अभियोग तथा एक अभियोग शस्त्र अधिनियम के तहत अलग अलग थानों में पंजीकृत है। इन मामलों में अभियुक्त अभी जमानत पर चल रहा है व इसका फायदा उठाकर पुनः मादक पदार्थो की तस्करी में लिप्त हो जाता है। जिससे अभियुक्त उपरोक्त द्वारा अवैध व्यापार से कई चल अचल सम्पत्ति अर्जित की गई है।

ऐसे आदतन अपराधी जो बार बार एनडीपीएस अधिनियम के तहत पकड़े गए है व जमानत पर बाहर है, उनके विरूद्व एसटीएफ द्वारा पिट एन.डी.पी.एस. एक्ट के अन्तर्गत तैयार किए गए निरूद्व प्रस्ताव पर अपर मुख्य सचिव, गृह उत्तराखण्ड सरकार के आदेश से जिला कारागार निरूद्ध किया जा रहा है

सम्पूर्ण प्रकरण को नियमानुसार इस एक्ट के तहत गठित एडवाइजरी बोर्ड (सदस्य, 1सीटिंग जज हाइकोर्ट व 2 रिटायर्ड जज हाइकोर्ट) के समक्ष तीन माह के अन्दर रखा जाएगा। इस कानून के तहत बिना जमानत के एक साल की अवधि के लिए निवारक नजरबंदी संभव है।

उत्तराखंड एसटीएफ नशीले पदार्थों के व्यापार में शामिल लोगों के खिलाफ सभी उपलब्ध कानूनी विकल्पों को लागू करेगी नारकोटिक्स हमारे समाज के लिए एक अभिशाप है और तस्करी में शामिल सभी लोगों से सख्ती से निपटा जाएगा।

प्रभारी एस0टी0एफ0ए उत्तराखण्ड द्वारा जनता से अपील की है कि वे नशे से दूर रहें। किसी भी प्रकार के लालच में आकर नशा तस्करी न करें। नशा एक धीमा जहर है जिससे खुद भी बचें तथा अपने बच्चों को भी सुरक्षित रखें। नशा तस्करी करने वालों के खिलाफ कार्यवाही हेतु तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन से संपर्क करें।

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