देश ही नहीं विदेशों में भी अपनी पहचान स्थापित करेगा श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय: कुलपति डा. ध्यानी

नवीन चौहान.
सब कुछ ठीक रहा तो आने वाले दिनों में श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय देश ही ही नहीं विदेशों में भी अपना नाम रोशन करेगा। यह कहना है कि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ पीपी ध्यानी का। उन्होंने कहा कि विश्व में अलग पहचान बनाने के लिए वह यूनिवर्सिटी में माउंटेन स्टडीज कोर्स शुरू कराने का प्रयास कर रहे हैं। अभी तक कहीं भी इस तरह का कोर्स नहीं है।
उच्चशिक्षा मंत्री और विधानसभा अध्यक्ष का जताया आभार
मीडिया से वार्ता करते हुए कुलपति डा. पीपी ध्यानी ने कहा कि पंडित ललित मोहन शर्मा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय को श्रीदेव सुमन विवि का परिसर बनाने में विधानसभा अध्यश प्रेमचंद अग्रवाल और उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत का अति महत्वपूर्ण योगदान है। ऋषिकेश परिसर में अब शिक्षकों का मर्जर भी हो रहा है। भूमि हंस्तातरित होने का कार्य भी हो गया है।
शिक्षकों के समायोजन की चल रही प्रक्रिया
कुलपति ने कहा कि शासन द्वारा जारी आदेश के बाद अब 19 विभागों में 70 शैक्षिक पदों पर शिक्षकों को समायोजित करने की प्रक्रिया चल रही है। इस कार्य में मान्यता प्रभारी सुनील नौटियाल, प्र0 कुलसचिव प्रो0 एम0एस0 रावत और उप कुलसचिव खेमराज भट्ट की अति महत्वपूर्ण भूमिका रही है। बताया कि बुधवार को 30 शिक्षकों का 13 विभागों में समायोजन किया गया। यह प्रक्रिया अभी चल रही है।
परिसर में लगेगी पं. ललि​त मोहन शर्मा की प्रतिमा
प्रेसवार्ता के दौरान कुलपति ने बताया कि पं0 ललितमोहन शर्मा चैरिटेबल ट्रस्ट से विवि को 49.02 एकड भूमि प्राप्त हुई। यह भूमि अगस़्त 1973 में ​ट्रस्ट ने ऋषिकेश में राजकीय डिग्री कालेज खोलने के लिए दान दी थी। इस परिसर में अब पं0 ललित मोहन शर्मा जी की भव्य और दिव्य प्रतिमा स्थापित होगी। इसके अलावा हर साल पं0 ललित मोहन शर्मा स्मृति व्याख्यान का भी आयोजन किया जाएगा।

माउंटेन स्टडीज खोलने की तैयारी
उन्होने कहाकि दुनिया के 195 देश यूनाईटेडनेशंस के सदस्य हैं, जिनमें से लगभग 136 देशों में पर्वत (माउंटेन) स्थित हैं। दुनिया के 21 देखें में उन्होंने भ्रमण किया लेकिन किसी भी देश के विवि में उन्हें माउंटेन स्टडीज के कोर्स संचालित होते नहीं मिले। इसका न कोई संकाय है और न ही कोई स्कूल। यही वजह है कि वह श्रीदेव सुमन विवि के ऋषिकेष परिसर में संकाय फैकल्टी आफ माउंटेन स्टडीज को स्थापित करने की दिशा में काम कर रहे हैं। इसके लिए केंद्र व प्रदेश सरकार से भी सहयोग मिलना जरूरी है, वह इसके लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं।

ये होंगे माउंटेन स्टडीज संकाय के कोर्स
कुलपति का कहना है कि सब कुछ सही रहा तो ऋषिकेश परिसर में प्रस्तावित संकाय में अलग अलग विभागों (माउंटेन स्प्रीचुयेलिटी एण्ड सैक्रेडनस, माउंटेन आटर्स, कल्चर एण्ड ट्रेडिसन्स माउंटेन लैंग्वेजेज, माउंटेन रिसोर्स मैनेजमेंट, माउंटेन एग्रीकल्चर, माउंटेन टूरिज्म, माउंटेन डिजास्टर, माउंटेन सिक्यूरेटी आदि) की स्थापना के लिये प्रयास किये जायेंगे।

विधि और कृषि संकाय की होगी स्थापना
कुलपति ने मीडिया से वार्ता के दौरान बताया कि अभी परिसर में केवल चार संकाय ही संचालित हैं। जिनमें कला, वाणिज्य, विज्ञान और शिक्षा शामिल हैं। जल्द ही दो अन्य संकाय विधि और कृषि भी यहां संचालित किये जाएंगे। इनके अलावा रोजगारपरक कोर्स के डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स भी यहां नई शिक्षा नीति के तहत संचालित किये जाएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *