काम न आई कोई चतुराई, कोरोना टेस्ट में फर्जीवाड़ा करने वाले पति पत्नी हरिद्वार पुलिस ने किये गिरफ्तार

नवीन चौहान.
कुंभ 2021 में कोरोना टेस्ट के फर्जी आकंडे दिखाकर सरकार को करोड़ों रूपये का चूना लगाने की तैयारी कर बैठे मास्टर माइंड पति पत्नी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद एक बार और हरिद्वार पुलिस ने यह साबित कर दिया कि धोखधड़ी करने वाले छोड़े नहीं जाएंगे।

ये था पूरा मामला
थाना कोतवाली नगर हरिद्वार पर दिनांक 17.06.2021 को वादी डा0 शम्भू कुमार झा मुख्य चिकित्साधिकारी हरिद्वार द्वारा प्रतिवादी मैसर्स मैक्स कार्पोरेट सर्विस, नालवा लैब व डां0 लाल चंदानी लैब के विरुद्ध दिनांक 17.06.2021 को हरिद्वार मे कुम्भ मेला 2021 के दौरान कोविड टेस्ट की फर्जी एन्ट्रियां करने, सरकारी धन की चोरी की मंशा व आपदा के अंतर्गत मानव जीवन को हानि पहुँचाने के कृत्य व आपराधिक लापरवाही के सम्बन्ध में मु0अ0सं0 593/21 धारा 188,269,270,420,468,471,120 बी भादवि व 3 महामारी अधि0 व 53 आपदा प्रबन्धन अधिनियम पंजीकृत करवाया गया। अभियोग की विवेचना राजेश साह, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर हरिद्वार द्वारा द्वारा प्रारम्भ की गयी। प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद हरिद्वार द्वारा कमलेश उपाध्याय, पुलिस अधीक्षक नगर के पर्यवेक्षण में क्षेत्राधिकारी वुग्गावाला के नेतृत्व में S.I.T का गठन किया गया।

जांच में यह जानकारी आई सामने
दौराने विवेचना अभियोग में गवाहो के बयान अंकित कर दस्तावेजी साक्ष्य संकलित किये गये, विवेचना में यह तथ्य प्रकाश में आये कि मैक्स कोरपोरेट सर्विसेस फर्म के पार्टनर्स मुख्य अभियुक्तगण शरत पन्त तथा उसकी पत्नी मल्लिका पन्त द्वारा कुम्भ मेला अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) को गुमराह करते हुये एक MOU जो नलवा लैब हिसार तथा लालचन्दानी लैब दिल्ली के साथ था, को दर्शाते हुये कुम्भ मेले के दौरान कोविड -19 टेस्टिंग का ठेका सरकार से लिया गया।
उक्त फर्म के पार्टनर्स शरत पन्त तथा उनकी पत्नी मल्लिका पन्त के द्वारा एक आपराधिक षडयन्त्र के तहत आशीष वशिष्ठ, डेलफिया लेब भिवानी हरियाणा, जो स्वयं में ICMR में कोविड टेस्ट के लिये अधिकृत नहीं है, को शामिल किया गया। जबकि नियमानुसार कोविड-19 टैस्टिंग हेतु केवल ICMR से अधिकृत लैब ही टैस्टिंग हेतु आवेदन कर सकती थी।

एक आरोपी पहले ही गिरफ्तार
उक्त प्रकरण की विवेचना में S.I.T द्वारा अभियुक्त आशीष वशिष्ठ को पूर्व में ही दिनांक 21.07.2021 को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय पेश कर न्यायिक हिरासत मे जिला कारागार हरिद्वार भेजा जा चुका है। जो वर्तमान में भी जिला कारागार हरिद्वार मे निरुध है।

दूसरे राज्यों में की गई अधिकतर एंट्री
दौराने विवेचना दस्तावेजो के अध्ययन करने पर यह पाया गया कि अधिकांश एन्ट्रीयाँ जनपद से बाहर अन्य राज्यो ( राजस्थान, उत्तर प्रदेश इत्यादि) मे की गयी है, यह भी प्रकाश मे आया कि कुंभ मेले के दौरान आने वाले श्रृद्धालुओं के नाम पर फर्जी फर्जी कोविड टैस्टिंग के आंकडे तैयार किये गये।

4 करोड़ का बिल दिया सरकार को
संबंधित व्यक्तियों ने अपनी फर्म की ओर से 1,24031 व्यक्तियों की कोविड टेस्टिंग करना बताते हुये 4 करोड से अधिक का बिल प्रस्तुत किया था, जिनमें से 15,41670 रूपये के बिल अभि0गण प्राप्त करने में सफल हो चुके हैं। इस प्रकार अभियुक्त गण द्वारा ICMR के पोर्टल पर वास्तविक टैस्टिंग के मुकाबले भारी संख्या में फर्जी टैस्टिंग दिखाकर फर्जी बिल, आँकडे व फर्जी कार्यवाही करते हुये ICMR की साइट पर अपलोड कर सरकार को उन आंकडों के आधार पर सरकार से 354 रू0 प्रति व्यक्ति के टैस्टिंग के हिसाब से बिल बनाकर 4 करोड से अधिक रूपये सरकारी धन को धोखे से अपने पक्ष में अवमुक्त कराने का प्रयास किया गया।

गलत दस्तावेज देकर धोखे से लिया टेंडर
पुलिस के अनुसार अभियुक्त गण द्वारा अन्य सह अभियुक्त गण के साथ मिलकर अपराधिक षडयन्त्र के तहत कूटरचित दस्तावेज तैयार कर कुम्भ मेला अधिकारीयों के समक्ष प्रस्तुत कर धोखे से टैण्डर प्राप्त किये जाने सम्बन्धित साक्ष्य प्राप्त होने पर विवेचना में धारा 467 भादवि की वृद्धी की गयी। विवेचना में प्रकाश में आये मुख्य अभियुक्तगण मैसर्स मैक्स कार्पोरेट सर्विस के पार्टनर शरद पंत एंव मल्लिका पंत के विरूद्ध S.I.T द्वारा माननीय न्यायालय से N.B.W प्राप्त किये गये तत्पश्चात उक्त मुख्य अभियुक्तगण के विरूद्ध कुर्की सम्बन्धी उद्घोषणा माननीय न्यायालय से प्राप्त कर उनके घर पर मुनादी कराकर धारा 82 सीआरपीसी का नोटिस चस्पा कराया गया।

गिरफ्तारी से बचने के लिए स्टे भी लिया था
अभियुक्तगण द्वारा माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल से अपनी गिरफ्तारी पर रोक सम्बन्धी आदेश प्राप्त किया गया किन्तु उक्त आदेश के समाप्त होने के पश्चात से अभियुक्तगण फरार चल रहे थे। मुख्य अभियुक्त गण की गिरफ्तारी हेतु डाँ0 योगेन्द्र सिंह रावत, पुलिस उपमहानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिदवार द्वारा दिये गये निर्देशों के क्रम में कमलेश उपाध्याय, पुलिस अधीक्षक नगर व क्षेत्राधिकारी ज्वालापुर के निर्देशन मे प्रभारी निरीक्षक राकेन्द्र कठैत के नेतृत्व में पुलिस टीमों द्वारा निरंतर अभियक्त गण के सम्भावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही थी।

एसओजी ने लगा रखे थे मोबाइल सर्विलांस पर
इस पूरे मामले में एसओजी भी अपना काम कर रही थी। एसओजी हरिदवार के सहयोग से अभियुक्तगण के मोबाईल को सर्विलांस पर लेते हुए पुलिस द्वारा ठोस सुरागरसी-पतारसी करते हुए मुखबिर मामूर किये गये थे। पुलिस टीम को सूचना प्राप्त हुई कि दिनांक 07/08/11.2021 की रात्रि में अभियुक्त गण कुछ सामान आदि लेने अपने आवास B-56 सेक्टर 48 नोएडा पहुंच रहे हैं, जिस पर पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त शरद पंत एवं उनकी पत्नी मल्लिका पंत को दिनांक 08.11.2021 को समय 00.15 बजे उनके आवास से हस्व कायदा से पुलिस हिरासत में लिया गया। पुलिस के मुताबिक जिन्हें आज मा0 न्यायालय में पेश किया जा रहा है। इस सम्बन्ध में इनके साथ इस षडयन्त्र में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका के सम्बन्ध में विवेचना प्रचलित है।

गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम –
कमलेश उपाध्याय, पुलिस अधीक्षक नगर हरिद्वार
सुश्री रेखा यादव, सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी ज्वालापुर हरिद्वार
राकेन्द्र कठैत प्रभारी, निरीक्षक कोतवाली नगर हरिदवार
उ0नि0 रणजीत सिंह, प्रभारी सीआईयू हरिद्वार
व0उ0नि0 अरविन्द रतूडी, कोतवाली नगर हरिद्वार
उ0नि0 लक्ष्मी मनोला , कोतवाली नगर हरिद्वार
उ0नि0 संजीत कण्डारी, पुलिस कार्यालय हरिद्वार
कानि0 08 शशिकान्त त्यागी, कोतवाली नगर हरिद्वार
कानि0 203 रविपंत, कोतवाली नगर हरिद्वार
कानि0 1468 रोहित नौटियाल, कोतवाली नगर हरिद्वार
म0का0 1491 रजनी बिष्ट, कोतवाली नगर हरिद्वार

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