महामंडलेश्वर पवित्रा नंदिनी बोली अपना पूरा जीवन किन्नरों के कल्याण के लिए लगा दूंगी

साभार, विजेंद्र रावत
हरिद्वार, महाकुंभ में शाही स्नान के लिए आई किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर पवित्रा नंदिनी बीएससी नर्सिंग और समाज शास्त्र से पीएचडी है। महाराष्ट्र में अमरावती जिले के एक छोटे गांव में जन्मी पवित्रा नंदिनी, कठिन संघर्षों के बाद इस मुकाम तक पहुंची है।
एक भेंट में उन्होंने बताया कि वे अपने तीन सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से किन्नरों के कल्याण के लिए काम कर रही हैं, वे चाहती हैं कि किन्नर चौराहों पर भीख मांगने के बजाए अपना कोई काम करे और अपने घरों में अपने मां बाप के साथ सम्मान से रहे।


नंदनी ने बताया कि किन्नरों के प्रति सरकारों के उपेक्षित रवैये के बावजूद उन्होंने न्यायालय से अपने वजूद की लड़ाई जीती है। महामंडलेश्वर होने के नाते उनका प्रयास रहेगा कि कोई किन्नर अपना सनातन धर्म छोड़कर किसी दूसरे धर्म में न जाए। वैसे कुछ लोग रोजी रोटी की मजबूरी के कारण ऐसे कदम उठाते हैं।
उन्होंने बताया कि उनकी संस्था रेड लाइट एरिया में भी सेक्स वर्कर के बीच काम करती है, उनको एड्स के प्रति जागरूक करने तथा उनके बच्चों के लिए शिक्षा प्रबंध भी करती है।
उन्होंने बताया कि किन्नर अखाड़े के हर राज्य में मंडलेश्वर है। उन्होंने इस बात पर संतुष्टि जताई कि किन्नरों का शिक्षा के ओर रुझान बढ़ने से धीरे-धीरे समाज का नजरिया भी उनके प्रति बदलने लगा है।

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