कोचिंग संचालकों ने आधी संख्या से कोचिंग इंस्टिट्यूट चलाने की मांगी अनुमति

नवीन चौहान.
हरिद्वार कोचिंग एसोसिएशन के तत्वावधान में एक बैठक का आयोजन किया गया। विभास सिन्हा, (अध्यक्ष, हरिद्वार कोचिंग एसोसिएशन) की अध्यक्षता, जसपाल राणा के संरक्षण में आयोजित बैठक ITC द्वारा संचालित Don Bosco सेन्टर पर आयोजित की गयी। बैठक में covid 19 के कारण शिक्षण संस्थानों को बंद रखने के सरकारी आदेश के विषय में सभी ने अपने अपने विचार रखे, और मांग की कि सरकार कोचिंग सेंटर को भी 50% संख्या के साथ चलाने की अनुमति दे।
संरक्षक जसपाल राणा के अनुसार सभी शिक्षण संस्थाएं एवं उनसे संबंधित लोग पहले ही भयंकर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, ऐसे में इस आदेश से स्थिति और गंभीर हो जायेगी। अध्यक्ष विभास सिन्हा ने सरकार द्वारा भेदभाव बरतने और जनहित को अनदेखा करने की बात कही, उन्होंने
कहा सरकार और प्रशासन शिक्षण से संबंधित लोगों के बारे में गंभीरता से नहीं सोच रही है। राकेश अरोरा ने सरकार द्वारा चलाई जा रही चुनावी रैलियों तथा विशाल जनसभा से कोरोना के गायब होने की बात कही। मनीष रावत ने सरकार द्वारा हर बार शिक्षण संस्थाओं को ही सबसे पहले बन्द करने और सबसे अंत में खोलने का मुद्दा उठाया। विजय अग्रवाल और सचिन सैनी ने इस बात को समर्थन दिया। विपुल गोयल ने सभी के एकजुट होकर आगे आने तथा मिलकर काम करने की प्रेरणा दी तथा सभी का आहवान किया कि इस संकट की घड़ी में एकजुट हों।
अनिल गौर ने प्रदेश स्तर पर एकजुट होने तथा सरकार के सामने अपनी बात तथा प्रतिनिधित्व रखने की बात की। अनिरुद्ध पोरवाल ने पिछले एक साल से छात्रों के शिक्षा से विमुख होते जाने तथा शिक्षण को पुनः पुनर्स्थापित करने की आवयश्कता पर बल दिया। अनुराग गोयल ने सरकार द्वारा छिटपुट तथा अव्यवस्थित रूप से सभी आवश्यक सेवाओं की बंदी को गैरजरूरी बताया। रोहित गेरा तथा मनीष सैनी ने शिक्षकों की भूमिका और कोरोना की रोकथाम पर प्रकाश डाला, कहा कि शिक्षण संस्थान ऐसी जगह हैं जहाँ इसकी जागरूकता फैलाई जा सकती है जो शायद कहीं और से संभव नहीं हो पाए। उपेंद्र चौधरी ने सरकार से न केवल संचालकों बल्कि उनसे संबंधित अन्य कर्मचारियों उनके परिवार, किराया तथा दैनिक खर्चों के विषय में बात की।
बैठक में हरिद्वार के समस्त कोचिंग संस्थानों के संचालको ने भाग लिया और कड़े शब्दों में सरकार ने जो समस्त कोचिंग संस्थान पूर्ण रूप से बंद कर रखे हे उसकी निंदा की। मीटिंग में ये निर्णय लिया गया कि सभी को अपनी समस्याओं से अवगत कराने हेतु मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, क्षेत्र विधायक तथा जिलाधिकारी महोदय को अपनी पीड़ा से अवगत कराने तथा जल्द से जल्द राहत देने के विषय में पत्र द्वारा प्रार्थना भेजी जाए तथा उन्हें भरोसे में लिया जाए कि covid19 के विषय में जारी सरकारी नियमावली को ध्यान में रखते हुए, सभी दिशानिर्देश पर अमल करते हुए छात्रों की लगभग आधी संख्या के साथ सभी को अपने अपने केंद्र संचालित करने की अनुमति दी जाये। शिक्षकों तथा उनके परिजनों के हितों को ध्यान में रखते हुए ही जल्द से जल्द राहत दी जाए।

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