पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह ने किये ऐसे सराहनीय कार्य, प्रदेश की जनता सदैव रखेगी याद

नवीन चौहान.
उत्तराखंड में आज से ठीक चार वर्ष पूर्व 18 मार्च 2017 को प्रदेश की कमान ईमानदार एवं कर्मठ व्यक्ति त्रिवेंद्र सिंह रावत को सौंपी गई थी। लेकिन पार्टी की अपनी ही खींचातानी के बीच उन्हें चार साल पूरे करने के कुछ ही दिन पहले कुर्सी से हटा दिया गया, उन्होंने अपना इस्तीफा दिया जिसके बाद प्रदेश की कमान सांसद तीरथ सिंह रावत को दी गई।

पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के करीब चार साल के कार्यकाल में प्रदेश की जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। जनहित में लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों के लिए प्रदेश की जनता सदैव उन्हें याद रखेगी। ऐसे तमाम कार्य जिनके लिए ईमानदार कार्यशैली वाले त्रिवेन्द्र सिंह रावत को प्रदेश की जनता सदैव याद करेंगी। तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के कुशल नेतृत्व में सुशासन और कुशल प्रबंधन के चलते उत्तराखण्ड को इन विगत वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार भी मिले। राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का मान सम्मान बढ़ाने के लिए त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कोई कसर नहीं छोड़ी। प्रदेश में भले ही नेतृत्व परिवर्तन है। लेकिन त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यकाल में किए गए विकास कार्य उत्तराखंड के इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज हो गए है। उत्तराखंड इस बात का भी गवाह रहेगा कि साधारण व्यक्तित्व के त्रिवेंद्र सिंह रावत गरीबों के हितों की रक्षा करते हुए अपने ही ​भाजपा विधायकों की आंखों में खटकने लगे। लेकिन प्रदेश की गरीब जनता के मसीहा के तौर पर त्रिवेंद्र सदैव सभी के दिलों पर राज करेंगे।

त्रिवेंद्र सिंह रावत कार्यकाल की खास बातें और निर्णय
● शहीदों और राज्य आंदोलनकारियों के सपनों की राजधानी गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया।
● भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस व सुशासन।
● पति की पैतृक संपत्ति में महिलाओं को सह-खातेदार बनाना।
● कोरोना से जंग में कुशल प्रबंधन से महामारी को किया नियंत्रित।
● प्रदेश के हेल्थ सिस्टम को मजबूती बनाया।
● प्रदेश में कनेक्टिविटी को बेहतर किया।
● चार धाम रेल परियोजना, ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना की सही मॉनीटोटिंग।
● किसानों एवं महिलाओं को मजबूत बनाने के लिए उन्हें 03 से 05 लाख रुपए तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध करवाना।

● मुख्यमंत्री स्वरोजगार तथा मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना।
● प्रदेश भर में ग्रोथ सेंटरों की स्थापना के चलते हर हाथ को काम दिलाने की व्यवस्था।
● सौभाग्य योजना के तहत प्रदेश के 02 लाख 50 हजार से अधिक घर हुए रोशन।
● जल जीवन मिशन के अंतर्गत मात्र ₹1 में ग्रामीण क्षेत्रों में पानी का कनेक्शन। शहरी क्षेत्रों में गरीब परिवारों के लिए ₹100 में पानी का कनेक्शन।
● सैनिकों का सम्मान, पंचम धाम के रूप में सैन्य धाम का शिलान्यास।
● चार धाम यात्रा को और अधिक सुगम बनाने के लिए देवस्थानम बोर्ड का गठन।
● डिजिटल उत्तराखंड को और अधिक मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा से भारत नेट-2.0 प्रोजेक्ट ने दी गई थी मंजूरी इससे प्रदेश के 12 हजार गांव इंटनेट से जुड़ेंगे।

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