आयुष गोलीकांड में डॉ दीपक कुमार और डॉ देवव्रत बने भगवान, मेरठ का अभिषेक फरार






नवीन चौहान
हरिद्वार के अनुभवी चिकित्सों की टीम ने गोली लगने से जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे आयुष भारद्वाज को बचाने में सफलता पाई है। हा​लांकि उसकी हालत अभी तक नाजुक बनी हुई है। लेकिन खतरे से बाहर है। चार घंटे तक चले जटिल आप्रेशन को स्पेशलिस्ट सर्जन डॉ दीपक कुमारर डॉ देवव्रत सिंह ने सफल बनाया। घटना ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र की है। मेरठ के आरोपी अभिषेक ने अपने साथियो के साथ मिलकर आयुष को प्रेमनगर पुल के पास गोली मारकर लहूलुहान कर दिया है। घटना के संबंध में मुकदमा दर्ज है।
बताते चले कि ज्वालापुर निवासी आयुष भारद्वाज को अज्ञात लोगों ने प्रेम नगर पुल पर गोली मारकर घायल कर दिया। घायल अवस्था में उसको कनखल के रामकृष्ण अस्पताल भर्ती कराया गया। जहां पर चिकित्सों ने प्राथमिक उपचार दिया। गोली आयुष की नाभि के पास से गुजरते हुए आंतों में छेद करके दाहिने कुल्हे ही हडडी में जाकर फंस गई। जिसके चलते आयुष की जिंदगी खतरे में पड़ गई। लेकिन आयुष की जिंदगी को बचाने की जिम्मेदारी डॉ देवव्रत सिंह ने संभाली। उन्होंने आयुष के आप्रेशन की तैयारी शुरू कर दी। डॉ सुशील कुरील ने एनेस्थीसिया दिया और बेहाश करके आप्रेशन शुरू किया। रात्रि करीब सात बजे आप्रेशन टेबल पर आयुष था। डॉ देवव्रत सिंह ने जब आंतों को काटा। लेकिन गोली तो कुल्हे पर फंसी हुई थी। डॉ दीपक कुमार ने मोर्चा संभाला। डॉ दीपक और डॉ देवव्रत ने संयुक्त रूप से करीब चार घंटे तक आयुष का आप्रेशन किया और कुल्हे से गोली को बाहर निकालने में सफलता पाई। आप्रेशन के बाद से आयुष की जिंदगी खतरे से बाहर तो गई लेकिन हालत स्थित है। परिजनों के लिए डॉ दीपक कुमार और डॉ देवव्रत सिंह भगवान के रूप में ​नजर आए।
पुलिस की कार्रवाई

ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक आरके सकलानी ने पीड़ित आयुष भारद्वाज के पिता निरुपम भरद्वाज की तहरीर पर मेरठ निवासी अभिषेक व उसके साथ आठ साथियों के खिलाफ अपहरण ओर हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने सीसीटीवी फ़ुटेज से इस बात की पुष्टि कर ली है कि आरोपी एक थार ओर एक एमजे हेक्टर गाड़ी में आए थे। आरोपियों ने आयुष को थार गाड़ी में डालने का प्रयास किया लेकिन क़ाबू में न आने पर रानीपुर मोड़ से पुलिस कर्मियों को अपनी ओर आता देख गोली मारकर भाग गये। घायल आयुष ने प्रभारी निरीक्षक आरके सकलानी ने पूछताछ करनी चाही परंतु चिकित्सक से अनुमति न मिलने के कारण बयान दर्ज नही हो पाए। पुलिस की दो टीमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ रवाना की हई है। इस घटना के सम्बंध में पुलिस ने धामपुर निवासी एक लड़की को भी पूछताछ के लिए बुलाया हैं।



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