डीएम सी रविशंकर बोले स्कूली वाहनों पर नजर, प्रशासन अलर्ट


नवीन चौहान.
जिलाधिकारी सी रविशंकर ने 2 अगस्त से स्कूल खुलने पर बच्चों को कोरोना संक्रमण से सुरक्षित बचाकर रखने के लिए पूरी रणनीति बनाई है। स्कूलों में कोविड गाइड लाइन का अनुपालन कराने के साथ ही अस्पतालों की व्यवस्थाओं को पुख्ता किया जा रहा है।

बच्चों को स्कूल लेकर जाने वाले वाहनों पर पूरी नजर रखी जायेगी। निर्धारित क्षमता से कम बच्चों को ही वाहनों में बैठने की अनुमति होगी। इसी के साथ पुलिस फोर्स स्कूली वाहनों की लगातार चेकिंग करेंगी। बच्चों को सेनेटाइजर, मास्क व सामाजिक दूरी के ​प्रति पूरी तरह से जागरूक​ किया जायेगा।

स्कूलों को खोले जाने से पूर्व जिलाधिकारी सी रविशंकर स्कूल संचालकों और प्रधानाचार्य को आवश्यक दिशा निर्देश जारी करेंगे। शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के जीवन को कोरोना संक्रमण से सुरक्षित बचाकर रखने के लिए स्कूल प्रशासन को जिम्मेदारी का निर्वहन करना होगा। स्कूल प्रशासन की लापरवाही कतई बर्दाश्त नही की जायेगी। जिला प्रशासन की टीम स्कूलों पर नजर बनाकर रखेगी।

उत्तराखंड सरकार ने 27 जुलाई 2021 को आयोजित केबिनेट की बैठक में 2 अगस्त 2021 से कक्षा छह से 12वीं तक के बच्चों की शिक्षा के लिए स्कूल खोले जाने का निर्णय किया। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने बयान जारी किया कि सामाजिक दूरी का पालन करते हुए बच्चों को शिक्षा ज्ञान द या जा सकता है। जिससे बच्चों और किताबों के बीच की दूरी खत्म हो जाए।

त्तराखंड सरकार के इस फैसले का निजी स्कूलों ने स्वागत किया और स्कूल खोलने की समस्त तैयारियां शुरू कर दी। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका के चलते स्कूलों में कोविड गाइड लाइन का पालन करने की बात कही। लेकिन सरकार के इस निर्णय को पूरा कराने में जिला प्रशासन की सबसे अहम भूमिका है। कोरोना संक्रमण फैलने की स्थिति में जिला प्रशासन को ही तमाम चिकित्सा व्यवस्था के प्रबंध को देखना है।

ऐसे में न्यूज127 ने जिलाधिकारी सी रविशंकर से बातचीत की और उनकी स्कूल खुलने की दशा में जिला प्रशासन की तैयारियों के संबंध में बातचीत की। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के चलते स्कूल खुलना सबसे बड़ी चुनौती है। डेल्टा वेरियेंट उत्तराखंड में आ चुका है। लेकिन अभी तक उसका कोई खास प्रभाव नजर नही आया।

ऐसे में स्कूलों को लेकर कुछ दिशा निर्देश जारी किए जायेंगे। हरिद्वार के अस्पतालों में कोविड की स्थिति को लेकर रिपोर्ट मंगाई गई है। प्रतिदिन कोरोना के कितने मरीज आ रहे है। उनमें से कितने बच्चों कोरोना संक्रमण की चपेट में है। बच्चों की संख्या अधिक होगी तो सुरक्षा के दृष्टिगत प्रभावी कदम उठाए जायेंगे।

बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रयास
कोरोना की तीसरी लहर को लेकर जिला प्रशासन की टीम लगातार निगरानी करती रहेगी। स्कूल में बच्चे आयेंगे तो उनकी सैंपलिंग की जायेगी। बच्चों में कोरोना का हल्का सा भी लक्षण पाए जाने की स्थिति में आईसोलेट किया जायेगा।

वीडियो क्लास भी देंगे
जिलाधिकारी सी रविशंकर ने बताया कि सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए शिक्षा विभाग के प्रयासों से वीडियो क्लास तैयार की गई है। उनके अभिभावकों को वीडियो वितरित की जायेगी। बच्चा अगर स्कूल नही आ पाया तो वह पढ़ाई कर सकेगा। काफी हद तक तैयारियां पूरी कर ली गई है।

कोरोना एक चुनौती
कोरोना की तीसरी लहर की चुनौती बनी हुई है। कोरोना कब, कैसे और किस रूप में आयेगा, यह तो पता नही। डेल्टा वैरीयेंट आ चुका है। लेकिन उनका प्रभाव अभी तक दिखाई नही पड़ा है। कोरोना संक्रमण को कमजोर मानने की गलती बिलकुल नही करनी है। दूसरी लहर से पहले भी ऐसा ही हुआ था। किसी को अंदाजा नही था। कुछ राज्यों में कोरोना बढ़ रहा था। हमारे राज्य में नही था। लेकिन अचानक तेजी के साथ दूसरी लहर आ गई। इसी को ध्यान में रखते हुए कोरोना की तीसरी लहर में हमको अलर्ट रहते हुए पुरी तैयारी रखनी है।

स्कूल को लेकर दिशा निर्देश
स्कूलों को सेनेटाइजर दिया गया था। टीचर को सब कुछ पता है कि बच्चों को कैसे बैठाना है और क्या—क्या करना है। लेकिन सबसे चिंताजनक बात बच्चों के यातायात को लेकर है। आटो की चेकिंग ज्यादा करानी होगी। स्कूल बसों पर नजर रखनी होगी। ट्रांसपोर्ट के सभी नियमों का पालन कराना होगा। नियमों का उल्लघंन करने पर वाहनों के चालान किए जायेंगे। जिला प्रशासन को सख्ती बरतनी होगी। अभिभावकों को भी अपने बच्चों को लेकर अलर्ट रहना होगा। आटो,बस को लेकर योजना बनाई जा रही है।

डीएम लेंगे बैठक
जिलाधिकारी सी रविशंकर स्कूल संचालकों के साथ जल्द ही बैठक करेंगे। स्कूल खोले जाने पर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा करेंगे। बच्चों की सुरक्षा की दृष्टिगत स्कूल प्रबंधकों से सुझाव आमंत्रित करेंगे। अभिभावकों की राय भी ली जायेगी। जिसके बाद ही दिशा निर्देशों जारी होंगे।

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