हरिद्वार के बेसहारा लोगों का सहारा बने डीएम सी रविशंकर: प्रधान, विधायक और सांसद ने नहीं ली सुध


नवीन चौहान
हरिद्वार के सैंकड़ों बेसहारा परिवारों का सहारा जिलाधिकारी सी रविशंकर बने है। जी हां हरिद्वार के कनखल की सीमा से सटे गांव मिस्सरपुर की भागीरथी बिहार फेस दो कॉलोनी के लोग बिलकुल बेसहारा है। इस कॉलोनी में समस्याओं का अंबार है। सड़क, नाली और पथ प्रकाश की कोई व्यवस्था नही है। हकीकत तो यह है कि इनकी सुध लेने वाला भी कोई नही है। कॉलोनी में रहने वाले लोगों की समस्याओं को जानने की कोशिश ग्रामीण विधायक स्वामी यतीश्वरानंद ने कभी नही ली। गांव के प्रधान ने तो कभी इन कॉलोनियों में झांकने की जरूरत नही समझी। अगर हरिद्वार सांसद डॉ रमेश पोखरियाल निशंक की बात करें तो वह केंद्रीय शिक्षा मंत्री है और समूचे देश में शिक्षा की अलख जगा रहे है। हरिद्वार के विकास की बात करना तो बेमानी होगा। ऐसे में कॉलोनी के लोगों की आखिरी उम्मीद जिलाधिकारी सी रविशंकर से है। जिसके बाद यहां के लोगों को अपने अच्छे दिन आने की उम्मीद जगी है।
मिस्सरपुर गांव के भागीरथी बिहार फेस दो निवासी निशा, मनीष और सर्वोत्तम ने जिलाधिकारी सी रविशंकर को पत्र लिखकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया। बताया कि विगत कई वर्षो से इस कॉलोनी में निवास करते है। लेकिन यहां पर सुविधाओं का अभाव है। कॉलोनी में कोई सड़क नही है। घरों के पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नही है। कॉलोनी में पथ प्रकाश की समुचित व्यवस्था नही है। कूड़ा संग्रह करने के लिए कूड़ेदान तक नही है। गांव के प्रधान ने कभी इस कॉलोनी की समस्याओं को जानने की जरूरत नही समझी। कोरोना संक्रमण काल में यहां कभी सेनेटाइजेशन नही हुआ। सरकार की तमाम सुविधाओं का अभाव है। कॉलोनी के लोग जंगली जानवरों के दहशत में जीने को विवश है। आए दिन खेतों से हाथी और सांप आते रहते है।
पीड़ितों की समस्याओं का पत्र जब जिलाधिकारी सी रविशंकर को मिला तो उन्होंने तत्काल मुख्य विकास अधिकारी को इस कॉलोनी का दौरा करने और समस्याओं का निस्तारण करने के निर्देश दिए है। जिसके बाद से कॉलोनी के लोगों को विकास की किरण जगने की उम्मीद प्रबल हुई है।

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