जिलाधिकारी सी रविशंकर ने ईमानदारी और सादगी से जीत लिया हरिद्वार की जनता का दिल


नवीन चौहान
जिलाधिकारी सी रविशंकर ने अपनी ईमानदारी और सादगी पूर्ण कार्यशैली से हरिद्वार की जनता का दिल जीत लिया। हर दिन गरीबों की सेवा में तत्पर रहकर एक कुशल प्रशासन की भूमिका का निर्वहन किया। कोरोना संक्रमण काल की तमाम चुनौतियों में अपनी बुद्धिमता का परिचय दिया। हरिद्वार की जनता को अपना परिवार मानकर सेवा की। जरूरतमंदों की सेवा में कोई कोर कसर बाकी नही छोड़ी। समाजसेवी संगठनों को साथ लेकर कोरोना संक्रमण काल की आपदा में हरिद्वार की जनता की सेवा का नया मार्ग प्रशस्त किया। मीडिया की आलोचनाओं से सबक लेते हुए हर दिन एक बेहतर कार्य करने का प्रयास किया। आपदा की घड़ी में विकास योजनाओं को मूर्तरूप दिया। एक विजन लेकर विकास की पटकथा तैयार की। हरिद्वार के इतिहास में उनका कार्यकाल सदा सराहा जायेगा। जनता अपने जिलाधिकारी के उल्लेखनीय कार्यो को सदैव याद रखेगी। जिलाधिकारी की कुर्सी के सम्मान को बढ़ाने में आईएएस सी रविशंकर की ईमानदारी ने महती भूमिका अदा की है। सी रविशंकर युवा पीढ़ी के लिए एक आदर्श बन चुके है।
साल 2020 में आईएएस सी रविशंकर को हरिद्वार​ जिलाधिकारी पद की जिम्मेदारी दी गई थी। करीब 22 लाख से अधिक की जनसंख्या वाले हरिद्वार जनपद में विकास कार्यो के विजन लेकर जिलाधिकारी सी रविशंकर आगे बढ़ना शुरू हुए। लेकिन कोरोना संक्रमण ने दस्तक दी तो उनकी काबलियत की असली परीक्षा भी शुरू हुई। 23 मार्च 2020 को समूचे भारत में लॉकडाउन हुआ तो हरिद्वार की स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण रही। सिडकुल इंड्रस्टी में ताले लटक गए। ह​जारों की संख्या में कर्मचारियों के लिए संकट उत्पन्न हो गया। पर्यटक होटलों में फंस गए। कोरोना संक्रमण अपने चरम की ओर बढ़ रहा था। जनता भयभीत हो रही थी। केंद्र सरकार की ओर से कोविड गाइड लाइन बनाई जा चुकी थी। जनता के जीवन को सुरक्षित बचाना सबसे पहला कार्य बन गया। ऐसी स्थिति में जिलाधिकारी सी रविशंकर की भूमिका सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण थी। जनप्रतिनिधियों की अपेक्षा भी जिलाधिकारी से बढ़ती जा रही थी। भूखमरी से त्राहिमाम मचने लगा।
उस वक्त जिलाधिकारी सी रविशंकर के मन मस्तिष्क में हरिद्वार की जनता और प्रत्येक नागरिक के जीवन की सुरक्षा को बचाना पहली प्राथमिकता थी। उन्होंने हेल्प लाइन नंबर जारी किए। प्रशासनिक अधिकारियों की जबावदेही तय की। जनता की तमाम समस्याओं को सुना और निस्तारण कराया। जनता की शिकायतों की समीक्षा की। राशन को पूरी पारदर्शिता से वितरण कराया। किसी गरीब के भूखा नही सोने के सख्त निर्देश जारी किए। होटलों में ठहरे हुए यात्रियों की समुचित व्यवस्थाओं को पूर्ण कराया।
हरिद्वार में कोविड केयर सेंटर की स्थापना पर जोर दिया। दिन रात 24 घंटे जनता की सेवा में खुद को समर्पित कर दिया। प्रशासनिक अधिकारियों को फटकार भी लगाई और उनको सही तरीके से काम करने का तरीका भी बताया।
ये वह वक्त था जब जिलाधिकारी सी रविशंकर की उपयोगिता सर्वाधिक थी। राज्स सरकार की तमाम उम्मीदे उनसे थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के विश्वास पर खरा उतरता था और जनता की अपेक्षाओं को पूरा करना था।
जिलाधिकारी सी रविशंकर कोरोना ने संक्रमण काल की आपदा में खुद को पूरी तरह से झोंक दिया। दिन रात जनता की व्यवस्थाओं को बनाने में कार्य करने लगे। तीर्थयात्रियों को उनके घर भेजने की व्यवस्था बनाई। भोजन, राशन और तमाम जिम्मेदारी को निभाया। इनके सभी के बीच केंद्र और राज्य सरकार की विकास योजनाओं के ​कार्यो को निर्धारित वक्त पर पूर्ण कराया। भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों पर पैनी नजर बनाकर रखी। सिर्फ और सिर्फ जनता के जीवन को सुरक्षित बचाकर रखने के मूलमंत्र को लक्ष्य निर्धारित किया।
हरिद्वार की स्थिति सामान्य हुई तो जनपद के विकास कार्यो और कुंभ पर्व 2021 की चुनौती में जुट गए। कुंभ पर्व के आयोजन में जिलाधिकारी सी रविशंकर ने महती भूमिका अदा की। अतिक्रमण अभियान पूर्ण किया। पेशवाई मार्गो की व्यवस्थाएं दुरूस्त कराई। आश्रमोें में बिजली,पानी और जरूरतों को पूरा कराया।
कुंभ पर्व में कोविड गाइड लाइन का पूरा पालन कराया। सप्ताह में एक दिन मीडिया के माध्यम से जनता को कोरोना संक्रमण से खुद को सुरक्षित बचाकर रखने के जागरूकता संदेश जारी किए। यह सिलसिला अनवरत जारी रहा।
कुंभ पर्व के बाद कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर आई तो जिलाधिकारी सी रविशंकर ने अपनी जिम्मेदारी को कर्तव्यनिष्ठा से निभाया। अस्पताल के दरवाजे पर आखिरी सांस लेकर पहुंचे मरीजों के जीवन को बचाने का प्रयास किए।
मौत के आंकड़ों की परवाह और मीडिया की आलोचनाओं को दरकिनार कर जिलाधिकारी सी रविशंकर पूरी कर्तव्यनिष्ठा के साथ मरीजों का जीवन बचाने में जुटे रहे। चिकित्सकों, प्रशासनिक टीम के साथ समन्वय बनाकर निर्देश जारी करते रहे। कोविड अस्पतालों का निरीक्षण करने से ​लेकर प्राइवेट अस्पतालों की लूट पर पैनी नजर बनाकर रखी। अस्पतालों में छापेमारी करके निजी चिकित्सकों की लूट के सिलसिले को बंद किया।
जिलाधिकारी सी रविशंकर के ईमानदारी से किए गए तमाम प्रयासों पर मां गंगा का आशीर्वाद भी बना रहा। ​यही कारण रहा कि हरिद्वार में मौत का तूफान वक्त रहते थम गया। जिलाधिकारी सी रविशंकर के तमाम कार्य इतिहास बन चुके है। जिलाधिकारी की कुर्सी पर बैठकर ईमानदारी की लकीर को बड़ा कर दिखाया। इस लकीर को छोटा करने के लिए किसी भी​ जिलाधिकारी के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। लेकिन गरीबों के लिए हमदर्दी रखना और उनकी समस्याओं को महसूस करते हुए तत्काल प्रभाव निस्तारण करने की जिलाधिकारी सी रविशंकर की कार्यशैली ने हरिद्वार की जनता के दिलों में एक अमिट छाप छोड़ दी है।
एक कुशल प्रशासक की भूमिका में आईएएस सी रविशंकर जैसे जिलाधिकारी ही सरकार की छवि को निखारने का कार्य करते है। जिलाधिकारी के किए गए तमाम कार्यो का लाभ भाजपा सरकार को मिलेगा।

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