क्राइम मीटिंग में गुड वर्क पर मिला इनाम, लापरवाही पर कप्तान की फटकार





नवीन चौहान.
एसएसपी हरिद्वार अजय सिंह ने आफिसर्स को कहा कि ग्राउण्ड पर मेहनत होगी तो समाज और आंकड़े खुद-ब-खुद सुधरेंगे, बेसिक पर काम करना महत्वपूर्ण है। यह बात उन्होंने क्राइम मीटिंग के दौरान कही। इस दौरान अच्छा कार्य करने वालों को इनाम दिया गया और लापरवाही बरतने वालों को कप्तान की फटकार का सामना करना पड़ा।

पुलिस कप्तान अजय सिंह ने पुलिस कार्यालय में सैनिक सम्मेलन व crime meeting का आयोजन किया। सैनिक सम्मेलन के दौरान एसएसपी द्वारा विगत माह फील्ड में अच्छा कार्य करने पर 15 पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र व पुरुस्कार देकर सम्मानित किया। कर्मचारी गण से बात करते हुए एसएसपी अजय सिंह ने कहा कि पुलिस का कार्य समाज को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है और यदि विभाग के इस प्रयत्न में आपकी भूमिका विशेष होगी तो निसंदेह आप सम्मान के अधिकारी है। आपके अच्छा करने से एक ओर तो आमजनमानस से सम्मुख विभाग की छवि उज्जवल होती है, साथ ही साथ आपके साथ काम कर रहे अन्य पुलिसकर्मी को भी अच्छा करने की सकारात्मक उर्जा प्राप्त होती है।

सैनिक सम्मेलन के पश्चात एवं तत्पश्चात अधिनस्थों की माह नवम्बर की क्राइम मीटिंग ली गई, जिसमें विशेष दिशा निर्देश दिये गए। कप्तान ने कहा कि हमें जनता के बीच अपनी पकड़ को और अधिक मजबूत करना होगा ताकि अपराधियों तक आसानी से पहुंचा जा सके।

क्राइम मीटिंग में दिये गए निर्देश
• वर्तमान में मुख्यालय स्तर से इनामी अपराधियों को पकड़ने के लिए चलाए जा रहे अभियान में जो थाने कम परफॉर्मेंस दे रहे हैं वे अपनी परफारमेंस में जल्द सुधार करें। ऐसा नहीं होना चाहिए कि आपके थाना क्षेत्र में कोई इनामी अपराधी मौजूद है और आपको उसकी जानकारी ही नहीं।

• जो भी इनामी अपराधी हैं उनको प्राथमिकता के आधार पर पकड़ा जाए नहीं तो अभियान का कोई मायने नहीं। अपने थाने में चेक कर लें, जिन जिन पर ईनाम घोषित किया जाना है, यथाशीघ्र करवाएं।

• प्रत्येक थाना प्रभारी को जानकारी होनी चाहिए कि थाने में संपादित की जा रही विवेचनाओं में क्या प्रगति है। हर अभियोग की जानकारी रखकर अलर्ट रहते हुए कार्य करें।

• जनता को जागरुक करने के लिए पोस्टर और बैनर एक अच्छा माध्यम हैं। विभिन्न विषयों में जनता तक समुचित जानकारी पहुंचाने के लिए आप इनका सहारा ले सकते हैं।

• किस्त न चुकाने पर फाइनेंसर द्वारा बिना पुलिस को जानकारी दिए गाड़ी उठाने के प्रकरण प्रकाश में आए तो बिल्कुल स्पष्ट समझ लें कि फाइनेंस वालों के खिलाफ लूट का मुकदमा दर्ज होगा।

• मुख्यालय द्वारा मोडिफाइड साइलेंसर, डिजाइनर नंबर प्लेट, प्रेशर हॉर्न, नाबालिक बच्चों द्वारा गाड़ी चलाने के सम्बन्ध में चलाए जा रहे अभियान को गंभीरता से लें। नाबालिक द्वारा वाहन चलाने के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में मैं आशा करता हूं कि आप अपना बेस्ट देंगे। ये सुनिश्चित करें आम आदमी सुकुन से सड़क किनारे चल पाए।

• उत्तराखण्ड पुलिस एप व एप के सबकंटेंट गौरा शक्ति को आमजन तक पहुंचाने के लिए और अधिक मेहनत की आवश्यकता है। प्रोकस करके काम करेंगे तो हो जाएगा। प्रतिदिन अपने थाने के उपनिरीक्षक और कांस्टेबल को एक फिक्स टार्गेट दिया जाना निसंदेह फायदेमंद साबित होगा। ऐप डाउनलोडिंग की संख्या अच्छे स्तर तक पहुंचाने के लिए महिला हेल्प डेस्क में आने वाले लोगों को भी जानकारी देकर प्रोत्साहित कीजिए।

• सभी प्रभारी सुनिश्चित करें कि ऐसे अपराधी जिन पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है, के खिलाफ 14 (१) की कार्यवाही की जाए।

• नशीले इंजेक्शन मिलने पर ये अवश्य देख लें की कमर्शियल क्वांटिटी है या नही। यदि हां तो 68 एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्यवाही करें।

• नशे के खिलाफ चल रहे अभियान को कोई भी प्रभारी हल्के में न ले। समाज एक दिन में नही सुधरता है लेकिन अगर हम कोशिश जारी रखेंगे तो कुछ समय में आपको खुद ही महसूस होगा कि बदलाव आ रहा है। हो सकता है कि थोड़ा ज्यादा वक्त लगे लेकिन जरूरत इस बात की है कि कोशिश पूरे मन से की जाए।

• प्रार्थना पत्रों के निस्तारण में ज्यादा समय लगने से आम आदमी को बेहद परेशानी का सामना करना पडता है साथ ही ये भी दिखाता है कि हम इन मामलों में लापरवाही बरत रहे हैं। जब प्रार्थनापत्र का निस्तारण आपके स्तर से होना है तो ऐसा क्यों है कि लोगों को प्रार्थना पत्र देने के लिए मेरे पास या अन्य स्तर तक जाना पड़ रहा है, ये आपको सोचना चाहिए।



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