मानवता अभी जिंदा है: अपने पति के लिए खरीदा रेमडेसिविर इंजेक्शन अनु कक्कड़ ने दे दिया दूसरे जरूरतमंद मरीज को, हर कोई कर रहा सराहना

नवीन चौहान.
कोरोना में जीवन रक्षक बन रहे रेमडेसिविर इंजेक्शन को लेकर जहां मारामारी मची है, मरीज के तीमारदार एक इंजेक्शन के लिए मुंहमांगी कीमत दे रहे हैं वहीं हरिद्वार की समाजसेविका और भाजपा की प्रदेश महामंत्री अनु कक्कड़ ने अपने पति के लिए खरीदा यह जीवनदायी इंजेक्शन अस्पताल में एक दूसरे मरीज को दे दिया।
भाजपा हरिद्वार की मेयर प्रत्याशी रही महिला भाजपा की प्रदेश महामंत्री और उत्तरांचल पंजाबी महासभा की महामंत्री अनु कक्कड ने कोरोना महामारी के बेहद गंभीर समय में सच्ची समाज सेविका का धर्म निभाते हुए अस्पताल में भर्ती एक व्यक्ति का जीवन बचाने के लिए अपने पति के लिए खरीदा इंजेक्शन दूसरे मरीज की जान बचाने के लिए दे दिया। उनके इस प्रयास की चारों और सराहना हो रही है।
बताते चलें की भाजपा नेत्री अनु कक्कड के पति भी इस महामारी से संक्रमित हो गए वो हरिद्वार के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे, उन्हें डॉक्टर ने रेमडेसिविर इंजेक्शन तत्काल लगवाने के लिए कहा। बमुश्किल इंजेक्शन का इंतजाम किया गया और जैसे ही अनु कक्कड इंजेक्शन की व्यवस्था कर अस्पताल पहुंची तभी उनकी नजर सामने रो रही एक महिला पर पडी जो एडमिशन काउंटर पर रोते गिड़गिड़ाते हुए अपने पति के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन का इंतजाम कराने की अपील कर रही थी।
अनु कक्कड ने एक समाज सेविका की भूमिका निभाते हुए जो इंजेक्शन अपने पति के लिए लायी थी वो उस महिला को दे दिया डॉक्टर और अन्य कई व्यक्तियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की पर वे अपने इस फैसले पर अडिग रही और बोली मैं तो एक और इंजेक्शन की व्यवस्था कर लूँगी लेकिन इस समय इस महिला के मरीज को सख़्त ज़रूरत है और उन्होंने वो इंजेक्शन उस महिला को दे दिया हालाँकि उन्होंने अपने पति के लिए और इंजेक्शन का इंतज़ाम कर लिया और भगवान की कृपा से अब वो ठीक हैं छुट्टी हो कर घर पर भी आ गये हैं।

समाज सेविका और अन्नू कक्कड के इस योगदान के बारे में जिसने सुना वह अचंभित रह गया और उनकी तारीफ करता नजर आया। उत्तरांचल पंजाबी महासभा के जिलाध्यक्ष प्रवीण कुमार, पूर्व पार्षद रवि ढींगरा, रवि पाहवा,परमानंद पोपली, विक्की तनेजा समेत सभी लोगों ने अनु कक्कड़ के इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने एक सच्ची समाज सेविका का हक अदा किया है उनकी जितनी भी प्रशंसा की जाए वह कम है।

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