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Team champion of Arthur Nasik in Swami Shraddhanand Hockey Tournament

स्वामी श्रद्धानन्द हॉकी टूर्नामेंट में आर्टलरी नासिक की टीम चैंपियन

नवीन चौहान
गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय में 87वाँ स्वामी श्रद्धानन्द हॉकी टूर्नामेंट का फाइनल मैंच आर्टलरी सेंटर नासिक वे शाहबाद मार्कण्डे की टीमों के मध्य खेला गया। जहां आर्टलरी की टीम ने एक के मुकाबले दो गोल कर चैंपियन ट्राफी पर कब्जा कर लिया। विजेता टीम को ट्राफी के साथ नकद पारितोषिक धनराशि 61,000 रुपये तथा उपविजेता टीम को ट्रॉफी तथा 51,000 रुपये की नकद धनराशि प्रदान की गयी।
कड़ाके की ठंड में शुरू हुआ रोमांचकारी फाइनल मुकाबले में जीत दर्ज करने के लिये दोनों की टीमों के खिलाड़ियों ने खूब पसीना बहाया। आर्टलरी सेंटर नासिक और मार्कण्डे की टीमों ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया। नासिक की ओर से जगदीप ने पहला फील्ड गोल करके बढ़त हासिल की। लेकिन के 52वें मिनट में मार्कण्डे टीम के खिलाड़ी सुरेन्द्र ने पेनल्टी कार्नर की सहायता से गोल करते हुए स्कोर बराबर कर दिया। लेकिन मैचे के 56वें मिनट में नासिक के नरेन्द्र ने फिल्ड गोल करते हुये स्कोर का अन्तर 2-1 कर दिया। मैच की समाप्ति तक कोई भी खिलाड़ी गोल नहीं कर सका। अन्तिम क्षणों में आर्टलरी की टीम 2-1 के अन्तर से चम्पियन बनी
प्रतियोगिता के समापन समारोह के मुख्य अतिथि व खानपुर विधानसभा सीट के विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैम्पियन ने कहा कि खेल हमारे शरीर का शारीरिक और मानसिक विकास करता है। जो व्यक्ति जितना खेलता है उसका शरीर उतना ही सौष्ठव होता है। बॉडी का संचार इस बात का उदाहरण होता है कि खिलाड़ी ने खेलने से पूर्व शरीर की सारी एक्सरसाइज पूरी कर ली है। आलस्य को त्यागना तथा अपनी इन्द्रियों पर संयम रखने वाले व्यक्ति ही सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बनते है। सम्बोधन से पूर्व मुख्य अतिथि कुंवर प्रणव चेम्पियन ने आर्टलरी सेंटर नासिक तथा शहबाद मार्कण्डे के खिलाडियों से परिचय प्राप्त किया। उत्तरांचल महिला आयोग की अध्यक्ष विजया बडथ्वाल ने आयोजकों के प्रयास की सरहना करते हुए कहा कि प्राचीन काल से खेलने का एक अलग स्थान था। खेलना एक प्रक्रिया है, जिसमें क्रिया काम करती है। स्वामी श्रद्धानन्द जी की तपस्थली में यह हॉकी टूर्नामेंट हो रहा है यह अपने आप में सबसे बड़ा उदाहरण है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो विनोद कुमार शर्मा ने कहा कि हॉकी की शुरूआत 19वी शताब्दी में हुयी थी, जो कि बाद में एशियाई देशों का अटूट हिस्सा बनी। इस मैदान को अन्तर्राष्ट्रीय मैदानों के समकक्ष खड़ा करना है जिससे यहां के खिलाडी देशों में स्वामी श्रद्धानन्द हॉकी मैदान का नाम रोशन कर सकें।
हॉकी टूर्नामेंट के अध्यक्ष प्रो आरकेएस डागर ने कहा कि गुरुकुल सदैव देश की उन्नति के लिये प्रयास करता रहा है तथा सदैव उसी मनायोग से करता रहेगा। प्रो एमआर वर्मा, प्रो पीसी जोशी, प्रो ईश्वर भारद्वाज, प्रो केवल कृष्ण, प्रो नमिता जोशी, डा बिन्दु मलिक, डा करतार सिंह, यशपाल सिंह राणा, संगीता राणा, स्वाति राणा, सरदार दलजीत सिंह मान, सरदार टेंक चन्द्र भेल डीजीएम आईजे सन्धु राजीव त्यागी, रणजीत सिंह एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारीगण उपस्थित थे।

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