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यौन उत्पीड़न में फंसे एएसपी ने मानी गलती, अब होगी मुश्किल

नवीन चौहान
पुलिस महकमे की ही महिला कांस्टेबल के यौन उत्पीड़न के आरोप में फंसे एएसपी परीक्षित कुमार ने अपनी गलती मानते हुए पीडि़ता को लिखित में माफीनामा दिया हैं। जिसके बाद पीडि़ता ने आरोपी एएसपी को माफ कर दिया है। जबकि यौन उत्पीड़न समिति की जांच रिपोर्ट पर एएसपी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की जा रही हैं। एसएसपी जन्मेजय खंडूरी ने बताया कि एएसपी ने गलती मानी है। एएसपी के खिलाफ विभागीय कार्रवाही की रिपोर्ट पीएचक्यू को दी जा रही है।
विगत दिनों हरिद्वार जनपद में पुलिस महकमे के एक एएसपी रैंक के अफसर द्वारा एक महिला कांस्टेबल को तंग करने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया था। इस मामले में पीडि़ता ने 29 दिसंबर की शाम करीब साढ़े चार बजे कैंप कार्यालय पहुुंचकर तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रिधिम अग्रवाल को लिखित शिकायत दर्ज कराई। तत्कालीन एसएसपी रिधिम अग्रवाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल चार सदस्यीय टीम यौन उत्पीड़न निवारण समिति को मामले की निष्पक्ष जांच करने की संस्तुति कर दी थी। इसके अतिरिक्त तत्कालीन एसएसपी रिधिम अग्रवाल ने पीडि़ता की शिकायत मिलने के डेढ़ घंटे के भीतर ही पीडि़ता की शिकायत की प्रति और उच्चाधिकारियों के सूचनार्थ एक पत्र भी प्रेषित कर दिया। इसके अलावा तत्कालीन एसएसपी ने एएसपी के आरोप संबंधी प्रकरण को दूरभाष से भी उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया। महिला कांस्टेबल की इस शिकायत मिलने के चंद घंटे बाद तत्कालीन एसएसपी रिधिम अग्रवाल का तबादला हो गया। महिला संबंधी अपराध होने के चलते यौन उत्पीड़न निवारण समिति की उपाध्यक्ष एसपी सिटी ममता वोहरा और सीओ कनखल स्वप्न किशोर सिंह सहित दो अन्य सदस्यों ने इस गंभीर प्रकरण की जांच शुरू कर दी। पीडि़ता के बयान दर्ज किए। इसके अतिरिक्त आरोपी एएसपी परीक्षित कुमार के बयान दर्ज किए। समिति ने अपनी जांच पूरी करने के बाद रिपोर्ट वर्तमान एसएसपी जन्मेजय खंडूरी को दे दी है। हालांकि जांच रिपोर्ट को पूरी तरह से गोपनीय रखा गया है। वही मामले में नया मोड़ तब आया जब एएसपी परीक्षित कुमार के गलती स्वीकार करने पर पीडि़ता ने लिखित में माफीनामा लेकर प्रकरण का पटाक्षेप कर दिया। जिसके बाद से इस प्रकरण में दोनों पक्षों के बीच का विवाद भी खत्म हो गया। पीडि़ता ने एएसपी के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करने की बात पुलिस अधिकारियों से की है। ———
एएसपी की बढ़ गई मुश्किल
पीडि़त महिला कांस्टेबल की शिकायत पर जांच कर रही यौन उत्पीड़न निवारण समिति की उपाध्यक्ष ममता वोहरा और उनकी टीम ने पूरी निष्पक्षता से प्रकरण की जांच की। इस टीम ने गंभीर आरोप की जांच को पूरी तरह से गोपनीय रखा। उन्होंने महिला संबंधी शिकायत पर हर पहलूओं को मद्देनजर रखते हुए बारीकि से परीक्षण किया। एएसपी और पीडि़ता की काल डिटेल को चैक किया गया। इसके अलावा दोनों के बयान दर्ज किए गए। यौन उत्पीड़न निवारण समिति की उपाध्यक्ष एसपी सिटी ममता वोहरा की चार सदस्यीय जांच टीम की निष्पक्ष जांच रिपोर्ट एसएसपी जन्मेजय खंडूरी तक पहुंच गई हैं। इस रिपोर्ट के बाद एएसपी की मुश्किले बढ़नी तय हैं। इस प्रकरण की सबसे खास बात ये रही कि जांच टीम ने पूरी निष्पक्षता और गोपनीयता को बरकरार रखा।

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